Tar Fencing Yojana 2025: खेत में जाली (Fencing) लगाने पर 50% सरकारी सब्सिडी

Tar Fencing Yojana 2025

Tar Fencing Yojana 2025: मध्य प्रदेश सरकार ने अपने राज्य के कसान भाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की शभारंभ की है जिसे Tar Fencing Yojana के नाम से जाना जाता है। यह किसान भाईयों के लिए राहत भरी खबर है इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य फसलों को जंगली और आवारा जानवरों से बचना है।

इसलिए मध्य प्रदेश राज्य सरकार ऑन द्वारा उद्यानिकी फसलें (सब्जियां, फल, फूल, मसाले) उगाने वाले किसानों को अपने खेतों की सीमा पर जाली (फेंसिंग) लगवाने के लिए सरकार 50% तक का सब्सिडी देगी। इस योजना के चलते किसान भाइयों को बहुत ही बड़ा फायदा प्राप्त होगा।

Tar Fencing Yojana के मुख्य बिंदु

  1. 50% अनुदान: राज्य सरकार खेत पर जाली लगाने की कुल लागत का आधा हिस्सा (50%) अनुदान के रूप में वहन करेगी। शेष 50% खर्च किसान को स्वयं वहन करना होगा।
  2. लागत और अनुदान राशि:
    • जाली लगाने की लागत 300 रुपये प्रति रनिंग मीटर है।
    • उदाहरण: अगर किसान को अपने खेत के लिए 1000 रनिंग मीटर जाली लगवानी है, तो कुल लागत होगी 3,00,000 रुपये (तीन लाख रुपये)
    • इस में से सरकार 1,50,000 रुपये (डेढ़ लाख रुपये) अनुदान देगी।
    • किसान को शेष 1,50,000 रुपये (डेढ़ लाख रुपये) खुद लगाने होंगे।
  3. योजना का आधार: यह अनुदान “राष्ट्रीय बागवानी एकीकृत विकास कार्यक्रम” (National Horticulture Integrated Development Programme) के तहत दिया जाएगा।
  4. उद्देश्य: उद्यानिकी विभाग के आयुक्त के अनुसार, सब्जी, फल, फूल और मसालों की फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले भारी नुक़सान को रोकना इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। खेतों की बाउंड्री पर मजबूत जाली लगाकर इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
  5. पात्र फसलें: यह अनुदान विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों (सब्जियां, फल, फूल, मसाले) लगाने वाले किसानों के लिए है।

Tar Fencing Yojana 2025 आवेदन कैसे करें?

इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा:

  • आवेदन पोर्टल: आवेदन केवल मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल mpfsts.mp.gov.in पर ही किए जाएंगे। (यह सीधा लिंक और पोर्टल का नाम बहुत महत्वपूर्ण है)
  • आवश्यक दस्तावेज: आवेदन करते समय इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी:
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • बी-1 खसरा / भूमि पावती (भू-अभिलेख)
    • बैंक पासबुक की फर्स्ट पेज की कॉपी
    • आधार कार्ड
    • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    • मोबाइल नंबर (पंजीकरण के लिए आवश्यक)
  • चयन प्रक्रिया: सभी पात्र आवेदकों में से लाभार्थियों का चयन लॉटरी (ड्रॉ) के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है।
  • आवेदन प्रक्रिया: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही रहेगी।

अनुदान कितना मिलेगा?

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है:

  • जाली लगाने की दर: 300 रुपये प्रति रनिंग मीटर
  • सरकारी अनुदान: कुल लागत का 50%
  • उदाहरण: 1000 रनिंग मीटर जाली की कुल लागत = 3,00,000 रु.
    • सरकारी अनुदान = 1,50,000 रु.
    • किसान का हिस्सा = 1,50,000 रु.

लाभार्थी जिलों का लिस्ट

यह योजना मध्यप्रदेश के लगभग 19 जिलों में लागू हुआ है।

1. शहडोल11. धार
2. अनूपपुर12. झाबुआ
3. उमरिया13. रतलाम
4. बालाघाट14. नीमच
5. बैतूल15. निवाड़ी
6. सीहोर16. मंडला
7. उज्जैन17. सागर
8. रायसेन18. अशोकनगर
9. ग्वालियर19. शिवपुरी
10. आगर मालवा

FAQs

1. प्रश्न: इस योजना के तहत कितना अनुदान मिलेगा?
उत्तर: सरकार खेत की सीमा पर जाली (फेंसिंग) लगाने की कुल लागत का 50% अनुदान देगी। शेष 50% खर्च किसान को स्वयं वहन करना होगा।

2. प्रश्न: जाली लगाने की प्रति मीटर लागत कितनी है?
उत्तर: जाली लगाने की दर 300 रुपये प्रति रनिंग मीटर निर्धारित है।

प्रश्न: यह अनुदान किसानों को किस योजना के तहत मिल रहा है?
उत्तर: यह अनुदान “राष्ट्रीय बागवानी एकीकृत विकास कार्यक्रम” (National Horticulture Integrated Development Programme – NHIDP) के अंतर्गत दिया जाएगा।

5. प्रश्न: कौन से किसान इस योजना के लिए पात्र हैं?
उत्तर: यह अनुदान विशेष रूप से उद्यानिकी फसलें (जैसे – सब्जियां, फल, फूल, मसाले) उगाने वाले किसानों के लिए है।

6. प्रश्न: आवेदन कैसे और कहाँ करना होगा?
उत्तर: आवेदन केवल ऑनलाइन करना होगा। मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल mpfsts.mp.gov.in पर जाकर।

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